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    साहित्य परिषद ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बहाई काव्य रस की बौछार

    अखिल भारतीय साहित्य परिषद चित्तौड़ इकाई द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास से मनाई गई। इकाई के साहित्य सचिव कांति चंद शर्मा ने बताया कि न्यू सेंट्रल एकेडमी गांधी नगर में इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि परिषद के संरक्षक नंदकिशोर निर्झर ने की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय गीतकार रमेश शर्मा एवं परिषद के निंबाहेड़ा जिलाध्यक्ष डा मुकुंद भट्ट सागर एवं परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीपाल सिंह सिसोदिया रहे। मुख्य वक्ता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डा रवींद्र कुमार उपाध्याय रहे। मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत की। परिषद गीत कवयित्री सुनीता चाष्टा ने प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत एवं परिचय प्रांतीय कोषाध्यक्ष पंकज कुमार झा ने करवाया। अंतरराष्ट्रीय कवि एवं गीतकार रमेश शर्मा ने सावन पर अपना गीत “ठंडी हवाएं सौंधी सी खुशबू लाता है तेरा सावन, कभी मेरा सावन देखना” पढ़ी तो सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कवि सुनील बाटू ने ” धरती खोदो निकाल लो पानी, कब तक तकना आसमानों को” पढ़कर श्रोताओं की वाह वाही लूटी। भरत व्यास ने जीवन की प्रथम गुरु माँ , “वन्दन करो चरणों में सदा ही शीश हो नीचा । है माता का स्थान तो भगवान से ऊँचा ॥ ” पढ़ी। कृष्णा सिन्हा इतु ने “तपती धरा मे गिरे जो ठंडी सी बुँदे, सोंधी सी खुशबु तब मिट्टी से उठे” , सुनीता चाष्टा सोनू ने “गुरु से ज्ञान पाकर के करें, जीवन सफल अपना”, श्रीपाल सरल ने प्रकृति प्रेम पर अपनी रचना का पाठ किया। मुकुंद भट्ट सागर ने गुरु क्यों आवश्यक है बताते हुए शास्त्रों से उदाहरण प्रस्तुत किए। साथ ही गुरु का स्वभाव समझाते हुए कहा कि “गुरु कुम्हार शिष्य कुम्भ है घड़ी घड़ी काढ़े खोट। अन्तर हाथ सहाय दे बाहर मारे चोट” बताकर गुरु के स्वभाव को बताया। पंकज सरकार ने “मंझधार से निकाले करे, भाग्य में उजाले, ऐसे गुरुवर प्रभु तुमको प्रणाम है” का पाठ किया। डा रवींद्र कुमार उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में गुरु की महिमा को स्पष्ट करते हुए महर्षि वेद व्यास जी के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कवि नंद किशोर निर्झर ने धरती और बादल के प्रेम को अपने गीत “बोल तू अब क्या गम है,आंख क्यों तेरी नम है” पढ़कर माहौल को भावमय कर दिया। पद्मा पगारिया ने गुरु पर अपना भजन प्रस्तुत किया।


    धन्यवाद ज्ञापन इकाई सचिव राधा किशन साहू ने किया। कल्याण मंत्र कांति चंद शर्मा ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन कवयित्री पद्मा पगारिया ने किया। इस अवसर पर ललित झा, माया साहू, कांति चंद शर्मा, श्याम आचार्य सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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